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चार कारखाने को बंद करने का आदेश दिया पर्यावरण अधिकारियों ने

कलेक्टर ने लिया सख्त कदम दुर्ग जिले में पर्यावरण नियमों की अनदेखी करने वाले औद्योगिक संस्थानों पर कलेक्टर अभिजित सिंह के निर्देश में सख्त कार्रवाई की गई है। कलेक्टर जनदर्शन में प्राप्त शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल (CECB) ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में गंभीर अनियमितताएं और प्रदूषण पाए जाने पर संबंधित इकाइयों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश जारी किया गया। प्रभावित क्षेत्र और इकाइयां भिलाई-03 तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम अकलौरडीह-जरवाय, ग्राम जरवाय और कुम्हारी क्षेत्र की चार प्रमुख इकाइयों पर कार्रवाई की गई। • ग्राम अकलौरडीह-जरवाय में मेसर्स आर.डी. एजेंसी (वेस्ट मटेरियल स्क्रीनिंग यूनिट) को भारी धूल और बिना अनुमति संचालन के कारण बंद किया गया। • ग्राम जरवाय में मेसर्स पंकज अग्रवाल (स्लैग क्रशिंग यूनिट) और मेसर्स टेथिस इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड को नियम उल्लंघन के कारण बंद किया गया। • कुम्हारी क्षेत्र अहिवारा रोड स्थित मेसर्स वैद्य फूड प्रोडक्ट्स को प्रदूषण नियंत्रण उपकरण न होने के कारण बंद करने के आदेश दिए गए। कानूनी प्रावधान और कार्रवाई...

अवैध फ्लाईऐश गाड़ी को पर्यावरण विभाग ने लेन-देन करके छोड़ दिया

जिले में अवैध फ्लाईऐश का मामला लगातार सामने आ रहा है। इस बीच एक ऐसा मामला सामने आया है, जो चौंकाने वाला है। लैलूंगा पुलिस ने जिस फ्लाईऐश के 9 वाहनों को अवैध डंपिंग करने के मामले में पकड़ा था। वहीं जब आगे की कार्रवाई के लिए मामला पर्यावरण विभाग के सुपुर्द किया तो विभाग ने यह कहते हुए मामले को क्लीन चिट दिया कि संबंधितों को पास फ्लाईऐश डंप करने की अनुमति दी है। सवाल यह उठ रहा है कि यदि उनके पास अनुमति थी तो वे पुलिस को क्यों नहीं दिखाए। वहीं दो दिन बाद इसकी अनुमति कहां से आ गई। उल्लेखनीय है कि बीते 24 दिसंबर को लैलूंगा पुलिस ने ग्राम सोहनपुर में अवैध रूप से फ्लाई ऐश डंप किए जाने के मामला उजागर किया था। पुलिस ने मौके से 7 हाइवा और 2 ट्रेलर वाहन जब्त किए। पुलिस को सूचना मिली कि फ्लाईऐश बिना किसी वैधानिक अनुमति के ट्रेलर वाहनों के माध्यम से ग्राम सोहनपुर क्षेत्र में खुलेआम डंप किया जा रहा है। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस तो वाहन फ्लाईऐश अनलोड करते पाए गए। चालकों से पूछताछ की गई, लेकिन वे फ्लाई ऐश परिवहन और डंपिंग से संबंधित कोई वैध अनुमति अथवा दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।

मनमानी करने वाले पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही होना आवश्यक है

दो महिला ईई को नोटिस, एक ने एग्रीमेंट पुनर्जीवित किया, दूसरी नदारद रहती हैं लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता बिलासपुर ने संभाग की दो महिला कार्यपालन अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन अधिकारियों पर कर्तव्यों के प्रति लापरवाही, वित्तीय अनियमितताओं और अनाधिकृत रूप से मुख्यालय से गायब रहने के गंभीर आरोप हैं। संतोषजनक जवाब न मिलने पर विभाग द्वारा इनके विरुद्ध शासन को अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की जा सकती है। चांपा की ईई पर समाप्त हो चुके अनुबंध को पुनर्जीवित करने का आरोप: चांपा की कार्यपालन अभियंता ममता पटेल को जारी नोटिस में एक पुराने अनुबंध को नियमों के विरुद्ध पुनर्जीवित करने पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। वर्ष 2017-18 के एक कार्य का अनुबंध 16 अक्टूबर 2023 को धारा-14 के तहत समाप्त कर दिया गया था। अनुबंध समाप्त होने के लगभग 2 वर्ष 27 दिन बाद इसे दोबारा जीवित कर दिया गया। एसई ने इसे घोर लापरवाही और नियमों का उल्लंघन माना है। पूछा है कि आखिर किस आधार पर इस पुराने कार्य को पुनर्जीवित करने का प्रस्ताव भेजा गया? सात दिनों में जवाब न मिलने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई ह...

हाईकोर्ट ने पीडब्ल्यूडी सेक्रेटरी को ₹1000 का जुर्माना किया

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने PWD सेक्रेटरी पर कड़ी नाराजगी जताते हुए एक हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। हाईकोर्ट ने कहा कि, देखा जा रहा है कि राज्य सरकार के अफसर हाईकोर्ट के आदेशों को बहुत हल्के में ले रहे हैं। इस तरह से प्रशासनिक अफसरों की लापरवाही और टालमटोल रवैए पर सख्त रुख अपनाना जरूरी है। दरअसल, डिवीजन बेंच ने प्रदेश की खस्ताहाल सड़कों पर PWD सेक्रेटरी से शपथपत्र मांगा था। जवाब देने में देरी की वजह से कोर्ट ने जुर्माने की कार्रवाई की है। दरअसल, हाईकोर्ट में राज्य की बदहाल सड़कों को लेकर जनहित याचिका पर सुनवाई चल रही है। इस दौरान हाईकोर्ट ने बिलासपुर के पेंड्रीडीह बायपास से नेहरू चौक तक की सड़क को लेकर भी सुनवाई की। पिछली सुनवाई के दौरान 23 सितंबर को हाईकोर्ट ने मरम्मत और नई सड़क निर्माण पर स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी। साथ ही कहा था कि एनआईटी रायपुर की रिपोर्ट जल्द ली जाए, ताकि नई सड़क का काम तेजी से शुरू किया जा सके। राज्य शासन ने दिया था जवाब सुनवाई के दौरान पीडब्ल्यूडी के सचिव की ओर से बताया गया था कि, पेंड्रीडीह से नेहरू चौक...

पीडब्ल्यूडी सफाई ठेका में घोटाला

पीडब्ल्यूडी में सफाई के ठेके पर अफसरों की मनमानी जारी है। सफाई के ठेके की अवधि दो साल पहले समाप्त हो चुकी थी, लेकिन इसके तीन साल बाद टेंडर तो लगाया गया, पर उसे ओपन नहीं किया गया। उल्टे ठेकेदार का समय बढ़ाते रहे। इस बात की जानकारी उच्च अधिकारियों को लगी, तो उन्होंने चर्चा के लिए बुलाया। बताया जा रहा है कि टेंडर में मनमाने ढंग से ठेकेदार को फायदा पहुंचाने के लिए शर्तें जोड़ी गईं। हाईकोर्ट में सफाई का ठेका पीडब्ल्यूडी के माध्यम से होता है। वर्तमान टेंडर मार्च 2023 में समाप्त हो चुका है और इसका काम सतीष कुमार सिंह कर रहे हैं। नियमानुसार टेंडर समाप्त होने के बाद नया टेंडर लग जाना था। पहला टेंडर 4 जुलाई 2023 को लगाया गया था, जिसे 6 जुलाई 2023 को ओपन होना था, लेकिन ओपन नहीं किया गया। दूसरा टेंडर 29 सितंबर 2023 को लगाया गया था, जिसे 4 अक्टूबर 2023 को ओपन होना था, लेकिन इसे भी ओपन नहीं किया गया। तीसरी बार टेंडर 16 फरवरी 2024 को लगाया गया, जिसे 20 फरवरी 2024 को ओपन होना था, लेकिन यह भी ओपन नहीं हुआ। अधिकतम दर और ठेकेदार पर मेहरबानी यह टेंडर 1.462 फीसदी अधिकतम दर पर लगाया गया। बता दें कि यह टेंडर...

दवाई दुकानों में फार्मासिस्ट नहीं बैठाने पर 3 महीने की सजा

छत्तीसगढ़ के लगभग एक तिहाई दवा दुकानों में भी फार्मासिस्ट नहीं बैठते ड्रग इंस्पेक्टरो के संरक्षण में छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड के बाद राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की निगरानी को लेकर अब सरकार और नियामक एजेंसियां सख्त हो गई हैं। प्रदेश में हजारों मेडिकल स्टोर ऐसे हैं, जो बिना पंजीकृत फार्मासिस्ट की मौजूदगी में दवाओं की बिक्री कर रहे हैं। इस पर अब काउंसिल ने सभी अस्पतालों, फार्मेसियों और मेडिकल स्टोर्स को नोटिस जारी कर चेताया है कि किसी भी गैर-पंजीकृत व्यक्ति द्वारा दवा का वितरण, भंडारण या बिक्री की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि ऐसा पाया गया, तो संबंधित मेडिकल स्टोर या संस्था का पंजीयन निरस्त कर दिया जाएगा। बता दें, इसको लेकर एमपी फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने इसे लेकर राज्य फार्मेसी काउंसिल को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी। बिना फार्मासिस्ट के दवा बिक्री पर रोक एमपी स्टेट फार्मेसी काउंसिल, भोपाल द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि फार्मेसी अधिनियम 1948 की धारा 42 के तहत केवल पंजीकृत फार्मासिस्ट ही दवाओं के वितरण या बिक्री में शामिल हो सकता है। इसके अलावा बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन दवा बेचने प...

ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों ने किया घोटाला तीन निलंबित

स्वच्छता सामग्री घटिया क्वालिटी की खरीदी, पैसे ज्यादा दिए; BJP नेता की शिकायत पर कार्रवाई सक्ती जिले में सरकारी स्कूलों के लिए स्वच्छता सामग्री की खरीदी में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई है। जांच के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने तीन विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। बिलासपुर संभाग के संयुक्त संचालक शिक्षा ने इस मामले की विस्तृत जांच की थी। जांच में पाया गया कि स्वच्छता सामग्री खरीदने में भंडार क्रय नियमों की गंभीर अवहेलना की गई। सामग्री का भौतिक सत्यापन नहीं किया गया और घटिया गुणवत्ता के सामान ज्यादा दर पर खरीदी गईं, जिससे सरकार को आर्थिक नुकसान पहुंचा। बता दें कि इस गड़बड़ी की शिकायत भाजपा नेता ने की थी। जिसके बाद यह कार्रवाई हुई। मालखरौदा के तत्कालीन शिक्षा अधिकारी त्रिभुवन सिंह जगत और जैजैपुर के शिक्षा अधिकारी विजय कुमार सिदार, दोनों निलंबित कर दिए गए है।। भाजपा नेता ने की थी शिकायत यह पूरा मामला तब उजागर हुआ जब सक्ती नगर मंडल के भाजपा महामंत्री अभिषेक शर्मा ने स्वच्छता सामग्री खरीद में गड़बड़ी की शिकायत की थी। शिकायत के बाद विभाग ने विस्तृत जांच कर...

वन विभाग के घोटाले में 9 अफसर दोषी

रायपुर। विधानसभा में मंगलवार को प्रश्नकाल में वन विभाग के टेंडर घोटाले को लेकर नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने सवाल किया। वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने बताया कि धमतरी, गरियाबंद, मुंगेली के लोरमी, जगदलपुर, बीजापुर में हुए टेंडर घोटाले की जांच की गई है। इसमें 37 में से 33 टेंडर में अनियमितता पाई गई है। अनियमितता के लिए सात भारतीय वन सेवा (आइएफएस) और तीन राज्य वन सेवा के अधिकारियों को दोषी पाया गया है। सभी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। 15 दिन में जवाब मिलने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। टेंडर घोटाले की जांच अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) ने की है। नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि वन विभाग के अधिकारियों ने सामग्री की खरीदी के लिए टेंडर किया था। यह प्रश्न वर्ष 2020 के विधानसभा सत्र के दौरान भी पूछा गया था और आज एक बार प्रश्न पूछा गया है। कौशिक ने पूछा कि अधिकारियों के खिलाफ कब तक कार्रवाई होगी। मंत्री अकबर ने बताया कि 15 दिन में जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। कौशिक ने कहा कि यह सिर्फ चार जिले का मामला है। बलरामपुर जिले में भी एक म...

RES के ठेकेदार ने बिना कालम के मकान बनाए

अधिकारियों के खिलाफ भष्टाचार निवारंण अधिनियम के तहत कार्यवाही होना चाहिये  सरगुजा जिले में पहाड़ी कोरवाओं के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बनवाए जा रहे मकानों की नींव ही कमजोर है। जिला पंचायत के इंजीनियरों की नायाब इंजीनियरिंग का नमूना यह है कि दो लाख रुपए से पहाड़ी इलाकों में बिना कॉलम का मकान खड़ा कर दिया गया है। मकान के ऊपर छत भी ढाल दी गई, है जो कभी भी गिर सकती है। घर बनाने में बरती गई लापरवाही के बाद भी विभाग के अफसर रिपोर्ट में ओके लिखकर पूरा भुगतान कर चुके हैं। दो कमरे का आवास बनाने में ठेकेदार की मनमानी चली है और निगरानी करने वाले विभाग के इंजीनियर और ग्राम सचिव मूकदर्शक बने हुए है। सरगुजा जिले में पीएम जनमन के तहत 2565 घर बनने हैं, जिनमें से 1260 घर बन चुके हैं। मैनपाट के पिडिया ग्राम पंचायत के घोराघाट में ठेकेदार शंकर यादव और राजेश यादव ने 30 मीटर के एरिया में तीन घरों को एक-दूसरे की दीवार से सटाकर बना दिया है। ठेकेदार ने संतोष कोरवा और सूखल कोरवा के घर के बीच में ढुढीबाई का घर सिर्फ इसलिए बनवाया है ताकि दो तरफ से दीवार न बनानी पड़े और लागत बच जाए। हैरानी की बात यह ह...

प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को न्यायालय से कठोर सजा मिलना चाहिए

छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल (CECB) रायपुर ने प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जनवरी से नवंबर 2025 के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 24 उद्योगों की बिजली काटने अथवा उत्पादन बंद कराने की कार्रवाई की गई, जबकि 23 अन्य उद्योगों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। CG News: औद्योगिक क्षेत्रों में कड़ी कार्रवाई पर्यावरण मंडल के अनुसार उरला, सिलतरा, बीरगांव, सरोरा सहित आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में वायु एवं जल प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम के तहत यह कार्रवाई की गई। इसके साथ ही 27 उद्योगों पर 57.80 लाख रुपये से अधिक की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति भी लगाई गई है। वर्तमान माह की 16 तारीख तक ही 4 उद्योगों को नोटिस, 1 उद्योग को बंद/बिजली विच्छेदन और 2 उद्योगों पर 2.55 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। बिना कवर परिवहन पर सख्ती कच्चा माल, तैयार उत्पाद या ठोस अपशिष्ट बिना तारपोलिन से ढके परिवहन करने के मामलों में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने सख्त कार्रवाई की है। नियमों का उल्लंघन करने वाले 47 उद्योगों और संस्थानों पर कुल 21.81 लाख रुपये से अधिक की प...